Painkiller और Antibiotics को लेकर सरकार की सख्ती, बिना डॉक्टर की सलाह इस्तेमाल से बचें
Painkiller Antibiotics News 2026: दर्द की दवाओं (NSAIDs) और Antibiotics के बिना जरूरत या गलत तरीके से इस्तेमाल को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। Directorate General of Health Services (DGHS) के अंतर्गत Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO), New Drugs Division ने 21 सितंबर 2026 को सर्कुलर जारी कर आम लोगों, डॉक्टरों, फार्मासिस्टों, दवा विक्रेताओं, वितरकों और अस्पतालों को इन दवाओं के जिम्मेदारी से इस्तेमाल की सलाह दी है।
सरकार के सर्कुलर का मुख्य विषय NSAIDs और Antibiotics के indiscriminate use से होने वाले जोखिम, Chronic Kidney Disease और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं से जुड़ा है।
क्यों जारी किया गया यह सर्कुलर?
सर्कुलर में कहा गया है कि दवाओं का Import, Manufacturing, Sale और Distribution Drugs and Cosmetics Act, 1940 और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार नियंत्रित होता है।
कई NSAIDs और Antibiotics को Drugs Rules, 1945 की विभिन्न अनुसूचियों, जैसे Schedule G, H, H1 और X, के अंतर्गत रखा गया है। ऐसी दवाओं के लिए निर्धारित चेतावनियों, सावधानियों और बिक्री की शर्तों का पालन करना जरूरी है।
Painkiller यानी NSAIDs को लेकर क्या कहा गया?
सर्कुलर के अनुसार अधिकांश NSAIDs Schedule H में शामिल हैं। इसलिए इन्हें Registered Medical Practitioner यानी पंजीकृत डॉक्टर के Prescription के बिना Retail में नहीं बेचा जाना चाहिए।
सरकार ने विशेष रूप से ऐसे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है जिन्हें पहले से Kidney Disease है या जिनमें Renal Impairment का जोखिम अधिक है।
Antibiotics के इस्तेमाल पर भी जोर
अधिकांश Antibiotic दवाएं Schedule H1 के अंतर्गत आती हैं। इनके लेबल पर निर्धारित चेतावनी का पालन करना जरूरी है।
सरकारी निर्देश के अनुसार Antibiotics का इस्तेमाल केवल चिकित्सकीय आवश्यकता होने पर और डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जाना चाहिए। इन्हें खुद से शुरू करना, किसी दूसरे व्यक्ति की दवा लेना या बची हुई पुरानी Antibiotics का इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
सरकार ने General Public को NSAIDs/Painkillers और Antibiotics को बिना चिकित्सकीय सलाह के बार-बार या लंबे समय तक लेने से बचने की सलाह दी है।
खास तौर पर:
स्थिति सलाह
Painkiller/NSAIDs बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार या लंबे समय तक न लें
Antibiotics Self-medication से बचें
वायरल संक्रमण ऐसी स्थितियों में Antibiotics का इस्तेमाल न करें जहां इसकी चिकित्सकीय जरूरत नहीं है
डॉक्टर द्वारा दी गई Antibiotics निर्धारित Dose और अवधि के अनुसार लें
Kidney Disease NSAIDs लेने से पहले डॉक्टर को अपनी स्थिति बताएं
दर्द/बुखार लगातार बना रहे खुद से दवा दोहराने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें
सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि डॉक्टर द्वारा निर्धारित Antibiotics को दूसरों के साथ साझा नहीं करना चाहिए और बची हुई दवाओं का बाद में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
डॉक्टरों और Healthcare Professionals के लिए निर्देश
Healthcare Professionals को NSAIDs और Antibiotics केवल तभी Prescribe करने की सलाह दी गई है जब उनकी Clinical आवश्यकता हो।
Prescription करते समय मरीज की:
Clinical Condition
Age
Co-morbidities
अन्य चल रही दवाएं
Risk Factors
को ध्यान में रखने की बात कही गई है।
NSAIDs के मामले में विशेष रूप से सबसे कम प्रभावी Dose और कम से कम जरूरी अवधि पर विचार करने की सलाह दी गई है, खासकर ऐसे मरीजों में जिनमें Kidney Function प्रभावित होने का जोखिम हो।
Antibiotics को लेकर डॉक्टरों को क्या ध्यान रखना होगा?
सर्कुलर में Antibiotics को विवेकपूर्ण तरीके से Prescribe करने और Antimicrobial Stewardship के सिद्धांतों का पालन करने की सलाह दी गई है।
इसमें संभावित संक्रमण पैदा करने वाले Organism, संक्रमण की जगह और उसकी गंभीरता को ध्यान में रखना तथा जरूरत होने पर Microbiological Investigation और स्थानीय Antibiotic Susceptibility Pattern पर विचार करना शामिल है।
अनावश्यक Combination Therapy, गलत Antibiotic Selection, गलत Dose और जरूरत से ज्यादा लंबे समय तक उपचार से बचने की सलाह दी गई है।
Pharmacists और Medical Retailers के लिए भी निर्देश
सर्कुलर में Pharmacists, Retailers और Distributors को Schedule H, H1 तथा अन्य Prescription Drugs की बिक्री एवं वितरण से जुड़े कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
Schedule H/H1 दवाओं को Retail में लागू नियमों के अनुसार ही बेचा जाना चाहिए।
फार्मासिस्ट और Retailers को Antibiotics या Prescription-only NSAIDs के Self-medication को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। दवाओं के Label पर लिखी Warning और Conditions of Sale का भी पालन करना होगा।
Hospitals को भी मजबूत करनी होंगी व्यवस्था
अस्पतालों और Healthcare Institutions को NSAIDs और Antibiotics के Rational Prescribing तथा Monitoring के लिए अपनी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही:
Prescription Review
Appropriate Patient Counselling
Antimicrobial Stewardship
दवाओं के उचित उपयोग की निगरानी
पर ध्यान देने को कहा गया है।
राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को Awareness बढ़ाने के निर्देश
State/UT Drugs Control Authorities से Healthcare Professionals, Pharmacists, Retailers और आम जनता के बीच NSAIDs और Antibiotics के गलत इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों को लेकर जागरूकता पैदा करने को कहा गया है।
साथ ही Drugs and Cosmetics Act, 1940 और Drugs Rules, 1945 के लागू प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
गलत इस्तेमाल से क्या जोखिम हो सकते हैं?
सरकारी सर्कुलर का उद्देश्य NSAIDs और Antibiotics के अनावश्यक या अनुचित इस्तेमाल से होने वाली समस्याओं को कम करना है। इसमें विशेष रूप से Renal Complications, Avoidable Adverse Drug Reactions और Antimicrobial Resistance को रोकने पर जोर दिया गया है।
| विषय | सरकारी सलाह |
| Painkillers/NSAIDs | जरूरत और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इस्तेमाल |
| Antibiotics | Self-medication से बचें |
| Kidney Disease | वाले मरीज NSAIDs से पहले डॉक्टर को जानकारी दें |
| Prescription Drugs | नियमों के अनुसार ही बिक्री |
| Pharmacists/Retailers | Prescription और Label Warning का पालन |
| Doctors | Clinical आवश्यकता के आधार पर दवा लिखें |
| Hospitals | Prescription Review और Patient Counselling मजबूत करें |
| मुख्य उद्देश्य | सुरक्षित और जिम्मेदार दवा उपयोग को बढ़ावा देना |
Important Links
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जरूरी बात
यह सर्कुलर 21 सितंबर 2026 को Drugs Controller General (India) की ओर से जारी किया गया है। इसमें आम जनता और Healthcare Sector से NSAIDs तथा Antibiotics का Rational, Safe and Responsible Use सुनिश्चित करने और अनावश्यक दवा से होने वाली जटिलताओं को रोकने की अपील की गई है।












