CBI ने US नागरिकों से 7.21 मिलियन डॉलर की साइबर ठगी के मामले में मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार
CBI Cyber Fraud Case 2026: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाकर की जा रही अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बड़े मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी और उसके सहयोगी गुजरात के अहमदाबाद से अवैध कॉल सेंटर संचालित कर कथित तौर पर अमेरिकी नागरिकों के साथ करोड़ों रुपये की साइबर धोखाधड़ी कर रहे थे।
CBI के मुताबिक, इस गिरोह ने वर्ष 2024 से अवैध कॉल सेंटर के जरिए ट्रांसनेशनल साइबर-इनेबल्ड फाइनेंशियल फ्रॉड को अंजाम देने का कथित प्रयास किया। मामले में पीड़ितों से कुल 7.21 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि ठगे जाने की बात सामने आई है।
8 सितंबर 2026 को दर्ज हुआ मामला
CBI ने इस मामले में 8 सितंबर 2026 को आरोपी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला एक संगठित साइबर फ्रॉड सिंडिकेट से जुड़ा है, जिसका संचालन अहमदाबाद, गुजरात स्थित अवैध कॉल सेंटरों के माध्यम से किया जा रहा था।
अमेरिकी सरकारी अधिकारियों के नाम पर करते थे ठगी
जांच के अनुसार, आरोपी और उसके सहयोगी आपराधिक साजिश के तहत अमेरिकी नागरिकों को VoIP कॉल करते थे। इस दौरान वे खुद को अमेरिकी सरकारी और संघीय एजेंसियों के अधिकारी के रूप में पेश करते थे।
CBI के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को इन संस्थाओं का अधिकारी बताया:
Federal Trade Commission (FTC)
US Attorney
Critical Infrastructure Security Agency (CISA)
अन्य अमेरिकी संघीय एजेंसियां
कॉल के दौरान पीड़ितों को कथित तौर पर बताया जाता था कि उनकी पहचान का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति ने कंप्यूटर सिस्टम के जरिए Child Pornography तक पहुंच बनाने के लिए किया है।

डराकर पैसे और सोना लेने का आरोप
CBI के अनुसार, कथित आरोपी पीड़ितों पर विश्वास बनाने और उन्हें डराने के बाद उनके बैंक खातों में मौजूद रकम निकालने के लिए प्रेरित करते थे।
इसके बाद पीड़ितों को रकम से सोना खरीदने और उसे आरोपियों द्वारा अमेरिका में लगाए गए कूरियर व्यक्तियों को सौंपने के लिए कहा जाता था।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस तरीके से पीड़ितों को 7.21 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि के लिए कथित तौर पर ठगा गया।
अहमदाबाद में CBI की तलाशी
मामला दर्ज होने के बाद CBI ने अहमदाबाद में आरोपी से जुड़े और संबंधित कई स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान जांच एजेंसी ने ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए, जिनमें मामले से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मौजूद होने की बात कही गई है।
अवैध कॉल सेंटर स्थापित करने और चलाने में आरोपी की भूमिका
CBI के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की अवैध कॉल सेंटर को स्थापित करने और उसके संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका थी। जांच एजेंसी ने उसे 23 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया।
CBI ने बताया है कि मामले की जांच जारी है। एजेंसी गिरफ्तार आरोपी की भूमिका के साथ-साथ उसके अन्य सहयोगियों और कथित साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
मामले में आगे की जांच के दौरान अन्य आरोपियों और डिजिटल साक्ष्यों से जुड़ी जानकारी सामने आने की संभावना है।












