Sarkari Man

Apka News Paper

India emphasizes preparedness to deal with the global pandemic, Health Secretary speaks at UN meeting

वैश्विक महामारी से निपटने की तैयारी पर भारत का जोर, UN बैठक में हेल्थ सेक्रेटरी ने रखी बात

नई दिल्ली: भारत ने वैश्विक स्तर पर भविष्य की महामारियों से निपटने के लिए बेहतर तैयारी, समानता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर दिया है। संयुक्त राष्ट्र की उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि महामारी की तैयारी और उससे प्रभावी तरीके से निपटना किसी एक देश की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने WHO Pandemic Agreement के तहत रोगजनकों तक समान पहुंच और उनसे मिलने वाले लाभों के उचित बंटवारे की आवश्यकता पर भी जोर दिया। भारत ने वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सहयोग और एकजुटता को महत्वपूर्ण बताया।

कोरोना काल में कई देशों को भारत ने दी मदद

स्वास्थ्य सचिव ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की अंतरराष्ट्रीय सहायता का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, भारत ने करीब 100 देशों को 30 करोड़ वैक्सीन डोज उपलब्ध कराई थीं। इसके अलावा 150 से अधिक देशों को चिकित्सा सहायता भी प्रदान की गई।

भारत की ओर से यह सहायता ऐसे समय में दी गई थी, जब दुनिया के कई देशों को वैक्सीन, दवाओं और अन्य चिकित्सा सामग्री की जरूरत थी।

महामारी से निपटने में समानता पर जोर

पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिसमें सभी देशों को आवश्यक स्वास्थ्य संसाधनों तक उचित और समय पर पहुंच मिल सके।

उन्होंने पैथोजन एक्सेस और बेनिफिट शेयरिंग को लेकर भी भारत की स्थिति रखी। इसका उद्देश्य महामारी से संबंधित रोगजनकों और उनके नमूनों तक पहुंच के साथ-साथ उनसे विकसित होने वाले वैक्सीन, दवाओं और अन्य उत्पादों के लाभों को न्यायसंगत तरीके से साझा करना है।

WHO ने भी तत्काल कदम उठाने की अपील की

बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने भी वैश्विक महामारी तैयारी को मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत बताई। WHO की ओर से देशों से स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

भारत ने बताया- वैश्विक एकजुटता जरूरी

भारत ने स्पष्ट किया कि भविष्य की महामारियों से निपटने के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर पर तैयारी पर्याप्त नहीं होगी। इसके लिए देशों के बीच बेहतर समन्वय, स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना, आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता और समान अवसर सुनिश्चित करना जरूरी है।

भारत का कहना है कि महामारी की तैयारी में समानता और वैश्विक एकजुटता को केंद्र में रखकर ही दुनिया भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकती है।

भारत की अन्य देशों के साथ स्वास्थ्य सहयोग की पहल

संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई देशों के साथ द्विपक्षीय सहयोग पर भी चर्चा की। स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने UAE और इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठकों में स्वास्थ्य सहयोग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।

इन बैठकों में स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझा स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।