दिल्ली में अब बार-बार नहीं खोदनी पड़ेंगी सड़कें, चांदनी चौक से शुरू होगा बड़ा पायलट प्रोजेक्ट
नई दिल्ली: दिल्ली में सड़कों की बार-बार खुदाई और इससे होने वाली ट्रैफिक परेशानी को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में मल्टी-यूटिलिटी डक्ट (Multi-Utility Duct) विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है।
चांदनी चौक से होगी शुरुआत
इस योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चांदनी चौक से की जाएगी। इसके तहत दो कॉरिडोर चुने गए हैं—
एस्प्लेनेड रोड: 310 मीटर
मोर सराय रोड: 560 मीटर
इन भूमिगत डक्ट्स में बिजली की केबल, पानी और गैस की पाइपलाइन, फायर हाइड्रेंट नेटवर्क समेत कई जरूरी सेवाओं को एक ही कॉरिडोर में व्यवस्थित किया जाएगा।
बार-बार सड़क खोदने की समस्या होगी कम
फिलहाल अलग-अलग सरकारी एजेंसियां अपनी जरूरत के अनुसार सड़क खोदकर भूमिगत पाइपलाइन और केबल डालती हैं। इससे एक ही सड़क को कई बार खोदना पड़ता है और ट्रैफिक भी प्रभावित होता है।
मल्टी-यूटिलिटी डक्ट बनने के बाद कई सेवाओं के लिए एक साझा भूमिगत कॉरिडोर उपलब्ध होगा। इससे सड़क की बार-बार खुदाई की जरूरत कम होगी और लोगों को ट्रैफिक जाम तथा असुविधा से राहत मिलने की उम्मीद है।
मरम्मत और भविष्य के विस्तार में भी होगी आसानी
इस व्यवस्था से यूटिलिटी नेटवर्क की मरम्मत और भविष्य में नई सुविधाएं जोड़ना भी आसान होगा। साथ ही खुदाई के दौरान भूमिगत पाइपलाइन या केबल के क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी कम किया जा सकेगा।
सुरक्षा का भी रखा जाएगा खास ध्यान
मल्टी-यूटिलिटी डक्ट में वेंटिलेशन, फायर सेफ्टी और मेंटेनेंस के लिए आसान पहुंच जैसी सुविधाएं रखी जाएंगी। आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए भी विशेष प्रावधान किए जाएंगे।
विशेषज्ञ समिति करेगी निगरानी
परियोजना के लिए जल्द ही एक विशेषज्ञ तकनीकी समिति बनाई जाएगी। इसमें DISCOMs, दिल्ली जल बोर्ड, PWD और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व विशेषज्ञ शामिल होंगे।
चांदनी चौक के पायलट प्रोजेक्ट से मिले अनुभव के आधार पर दिल्ली के दूसरे इलाकों में भी मल्टी-यूटिलिटी डक्ट के निर्माण और विस्तार की योजना बनाई जाएगी।
सरकार का लक्ष्य दिल्ली में ऐसी आधुनिक और व्यवस्थित अंडरग्राउंड यूटिलिटी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे भविष्य में सड़कों की बार-बार खुदाई कम हो और ट्रैफिक व्यवस्था भी बेहतर हो।










