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Major decision regarding New Noida, land compensation increased by 53%

न्यू नोएडा को लेकर बड़ा फैसला, जमीन के मुआवजे में 53% तक बढ़ोतरी

नोएडा: न्यू नोएडा प्रोजेक्ट को तेजी देने के लिए नोएडा अथॉरिटी ने जमीन अधिग्रहण के मुआवजे की दरों में बड़ा बदलाव किया है। अथॉरिटी ने एक श्रेणी में जमीन के मुआवजे में 53 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। वहीं, जिन किसानों को विकसित प्लॉट नहीं मिलेगा, उनके लिए मुआवजे में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

किसानों को अब कितना मिलेगा?

आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण की दर पहले 5,324 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी, जिसे बढ़ाकर 6,459 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है।

वहीं, 5 प्रतिशत विकसित प्लॉट लेने वाले किसानों के लिए पहले नकद मुआवजा 4,224 रुपये प्रति वर्ग मीटर था। अब इसे बढ़ाकर 6,459 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है। यानी इस श्रेणी में नकद हिस्से में 2,235 रुपये प्रति वर्ग मीटर, करीब 53 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

न्यू नोएडा में अलग-अलग चरणों में अलग दरें

न्यू नोएडा के लिए मुआवजे की दर पूरे क्षेत्र में एक जैसी नहीं होगी। अलग-अलग चरणों के हिसाब से दरें तय की जाएंगी।

फेज 1 और 2: ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की मुआवजा दर और किसानों को 6% विकसित प्लॉट
फेज 3 और 4: यमुना अथॉरिटी की दर और किसानों को 7% विकसित प्लॉट

हाल ही में ग्रेटर नोएडा ने अपनी दर 4,125 रुपये से बढ़ाकर 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर की थी। वहीं यमुना अथॉरिटी ने दर 4,300 रुपये से बढ़ाकर 4,558 रुपये प्रति वर्ग मीटर की।

क्यों बढ़ाया गया मुआवजा?

न्यू नोएडा परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण में किसानों की सहमति हासिल करना बड़ी चुनौती रही है। बढ़ी हुई मुआवजा दरों का उद्देश्य किसानों को जमीन देने के लिए अधिक प्रोत्साहित करना और अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करना है।

नोएडा अथॉरिटी के CEO कृष्ण करुणेश के मुताबिक, नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को सिर्फ मुआवजा देना नहीं, बल्कि उन्हें नोएडा और क्षेत्र के आर्थिक विकास में भागीदार बनाना है।

क्या है न्यू नोएडा प्रोजेक्ट?

न्यू नोएडा को आधिकारिक तौर पर दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन कहा जाता है। यह करीब 209 वर्ग किलोमीटर में विकसित होने वाला स्मार्ट सिटी और औद्योगिक क्षेत्र है, जो 84 गांवों में फैला होगा।

इस परियोजना का उद्देश्य नोएडा पर बढ़ते शहरी दबाव को कम करना और क्षेत्र को एक बड़े औद्योगिक एवं आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करना है। परियोजना में करीब 40 प्रतिशत क्षेत्र उद्योगों के लिए निर्धारित किया गया है।

चार चरणों में होगा जमीन अधिग्रहण

न्यू नोएडा के लिए जमीन अधिग्रहण चार चरणों में किया जाना है—

पहला चरण: 3,165 हेक्टेयर — 2027 तक
दूसरा चरण: 3,798 हेक्टेयर — 2032 तक
तीसरा चरण: 5,908 हेक्टेयर — 2037 तक
चौथा चरण: 8,230 हेक्टेयर — 2041 तक

पहले चरण में 37 गांव शामिल होंगे और फिलहाल सर्वे व जमीन के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

किसानों की नाराजगी भी बरकरार

हालांकि बढ़ी हुई दरों के बावजूद कुछ किसान संगठनों ने इसे पर्याप्त नहीं माना है। किसान प्रतिनिधियों ने मुआवजे को 10,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक करने की मांग की है और 14 सितंबर को तीनों प्राधिकरणों के कार्यालयों पर बड़े प्रदर्शन की बात कही है।

कुल मिलाकर, मुआवजे में यह बढ़ोतरी न्यू नोएडा प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने की कोशिश है। अब देखना होगा कि नई दरों के बाद किसानों और अथॉरिटी के बीच सहमति कितनी जल्दी बनती है।