दिल्ली SIR की मसौदा सूची में बड़ा बदलाव: करीब 33 फीसदी मतदाता बाहर, नाम की जांच जरूरी
नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार SIR की मसौदा सूची से करीब 33 प्रतिशत मतदाताओं के नाम बाहर हुए हैं। इस आंकड़े के सामने आने के बाद मतदाता सूची में अपने नाम की स्थिति जांचने को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
मसौदा सूची का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं की जानकारी को व्यवस्थित करना है। हालांकि किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं होने का अर्थ यह नहीं है कि प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त हो गई है।
मतदाताओं को क्या करना चाहिए?
जिन लोगों को अपना नाम ड्राफ्ट सूची में दिखाई नहीं देता, उन्हें संबंधित चुनावी प्रक्रिया के तहत अपने नाम और दस्तावेजों की स्थिति की जांच करनी चाहिए। निर्धारित अवधि में दावा और आपत्ति दर्ज कराने की व्यवस्था हो सकती है।
मतदाताओं के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे केवल अफवाहों पर भरोसा न करें और चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही अपने नाम की स्थिति जांचें।
33 फीसदी आंकड़ा क्यों महत्वपूर्ण?
मतदाता सूची में इतने बड़े हिस्से के नाम प्रभावित होने की खबर ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा बढ़ा दी है। अंतिम सूची जारी होने से पहले दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इसलिए मतदाताओं को अंतिम सूची का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपने नाम और विवरण की जांच कर लेनी चाहिए।










