बच्चों और युवाओं में फैटी लिवर का बढ़ता खतरा: AIIMS अध्ययन ने जीवनशैली को लेकर बढ़ाई चिंता
नई दिल्ली। बच्चों और युवाओं में फैटी लिवर से जुड़ा खतरा अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। AIIMS से जुड़े अध्ययन का हवाला देते हुए रिपोर्ट में युवाओं और बच्चों में फैटी लिवर के जोखिम की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है।
फैटी लिवर को आमतौर पर ऐसी स्थिति माना जाता है जिसमें लिवर में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होने लगती है। खराब खान-पान, कम शारीरिक गतिविधि और अस्वस्थ जीवनशैली जैसे कारणों को इससे जोड़कर देखा जाता है।
बदलती जीवनशैली बनी चुनौती
आज के समय में बच्चों और युवाओं का स्क्रीन टाइम बढ़ रहा है। इसके साथ ही शारीरिक गतिविधियां कम होने और जंक फूड तथा अत्यधिक कैलोरी वाले भोजन की आदतों को लेकर भी विशेषज्ञ चिंता जताते रहे हैं।
ऐसे में परिवारों के लिए जरूरी है कि बच्चों के भोजन और दैनिक गतिविधियों पर ध्यान दिया जाए। नियमित खेलकूद और संतुलित भोजन को जीवनशैली का हिस्सा बनाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।
हालांकि किसी व्यक्ति में फैटी लिवर या अन्य बीमारी की पुष्टि केवल चिकित्सकीय जांच के बाद ही की जा सकती है। इसलिए किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लक्षण होने पर डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।










